बेख़ौफ होती जा रही चाकूबाजी, बदमाशों को नहीं कानून का डर
शराब के लिए रुपए नहीं देने पर युवक से मारपीट, चाकू से किया हमला; घटना के चंद घंटों में दो आरोपी गिरफ्तार
सागर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आरटीओ के पास रविवार शाम शराब पीने के लिए रुपए नहीं देने पर एक युवक के साथ मारपीट कर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दो युवक बाइक से पहुंचे और मजदूरी कर रहे युवक से शराब के लिए रुपए मांगे। रुपए देने से इनकार करने पर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए युवक के साथ मारपीट कर चाकू मार दिया। घटना के बाद आरोपी जान से खत्म करने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए।
घायल युवक की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने धारा 119(1), 296(बी), 118(1), 351(2) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर घटना के चंद घंटों में दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इनमें एक आरोपी नाबालिग बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार ग्राम सुआतला निवासी सुनील पिता नंदराम पटेल रविवार शाम करीब साढ़े 5 बजे कविर धाम आश्रम के पास कल्पधाम ग्रुप प्लाटिंग में मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान उसके गांव के दो युवक बाइक से वहां पहुंचे और शराब पीने के लिए रुपए मांगे। सुनील ने रुपए देने से मना किया तो दोनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। गाली देने से मना करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और चाकू से हमला कर दिया। चाकू पीछे दाहिनी तरफ कमर के नीचे लगा, जिससे खून बहने लगा।
घायल सुनील के अनुसार दोनों आरोपी जाते समय उसे धमकी देकर गए कि यदि थाने में रिपोर्ट की तो जान से खत्म कर देंगे। इसके बाद बीएमसी चौकी पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल के बयान दर्ज किए।
चंद घंटों में गिरफ्तारी, लेकिन सवाल बरकरार
पुलिस की त्वरित कार्रवाई निश्चित तौर पर राहत देने वाली है, लेकिन घटना ने शहर में बढ़ती चाकूबाजी और बदमाशों के बेखौफ रवैये पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। शराब के लिए रुपए मांगना, इनकार करने पर खुलेआम मारपीट और चाकू से हमला करना बताता है कि अपराधियों में कानून का डर किस हद तक कमजोर पड़ रहा है।
खास बात यह है कि सागर में पिछले कुछ समय से चाकू लेकर घूमने और मामूली विवादों में चाकू चलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद यदि बदमाश दिनदहाड़े या सार्वजनिक स्थानों के आसपास चाकू लेकर पहुंच रहे हैं और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, तो केवल घटना के बाद गिरफ्तारी से समस्या का स्थायी समाधान होता नजर नहीं आता।
अब जरूरत इस बात की है कि ऐसे बदमाशों पर प्रभावी निगरानी के साथ हथियार लेकर घूमने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो, ताकि आम लोगों में यह भरोसा कायम रहे कि कानून का डर अपराधियों में भी उतना ही है, जितना कानून का पालन करने वालों में।


