कार्तिक त्रयोदशी आज: धनतेरस पर आरोग्य और समृद्धि का महासंयोग, शाम इतने बजे से पूजन का शुभ मुहूर्त

कार्तिक त्रयोदशी आज: धनतेरस पर आरोग्य और समृद्धि का महासंयोग, शाम इतने बजे से पूजन का शुभ मुहूर्त

पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की शुरुआत आज शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस के साथ हो रही है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आज नगर भर के बाजार पूरी तरह सजकर तैयार हैं। मान्यता के अनुसार, इसी तिथि को समुद्र मंथन के दौरान आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरी हाथ में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। यही कारण है कि इस दिन आरोग्य और अच्छी सेहत की कामना के साथ धनवंतरी जी, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर का पूजन किया जाता है।

शाम को प्रदोष काल में पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि आज सुबह 10:30 बजे से प्रारंभ होकर शनिवार सुबह 10:47 बजे तक रहेगी। धनतेरस पर लक्ष्मी-कुबेर और धनवंतरी पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त शाम 06:05 बजे से रात 08:05 बजे तक (प्रदोष काल एवं वृषभ लग्न) रहेगा। इसके अलावा दोपहर 12:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक चर, लाभ और अमृत के चौघड़िया में नई वस्तुओं की खरीदारी करना अत्यंत शुभ माना गया है।

घर-घर ऐसे करें पूजन (सरल विधि)

  • चौकी स्थापना: उत्तर या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान धनवंतरी, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की प्रतिमा स्थापित करें।

  • तिलक व अर्पण: रोली, अक्षत, चंदन, हल्दी और पुष्प चढ़ाएं। भगवान धनवंतरी को तुलसी दल व पंचामृत और मां लक्ष्मी-कुबेर जी को कमलगट्टा व मिष्ठान अर्पित करें।

  • खरीदी गई वस्तुओं का पूजन: आज खरीदे गए नए बर्तन, सोना-चांदी या सिक्के और साबुत धनिया भी पूजा की चौकी पर रखें।

  • यम दीपदान: शाम को घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके सरसों के तेल का चौमुखी दीपक (यम दीप) जलाएं, जिससे परिवार में अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

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