15 करोड़ के विकास के बीच पुराने शहर की पुकार: बड़ाबाजार-धर्मश्री में भी बने मिनी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स

सागर में लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत से 6 मिनी ऑडिटोरियम (आधुनिक मंगल भवन) एवं मिनी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स विकसित किए जाने की योजना के बीच शहर के पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में खेल सुविधाओं की मांग एक बार फिर उठने लगी है। मंगलवार को गोपालगंज थाना के सामने 1.25 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले आधुनिक मंगल भवन का शिलान्यास होने के बाद स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि शहर के सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल बड़ाबाजार, धर्मश्री, मोतीनगर और आसपास के इलाकों में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स कब बनेगा।

गोपालगंज में बनने वाला आधुनिक मंगल भवन आसपास के 3 से 4 वार्डों के नागरिकों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों की सुविधा उपलब्ध कराएगा। वहीं शहर के अन्य हिस्सों में भी आधुनिक मंगल भवन और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स विकसित करने की बात कही गई है। तिली तिराहा क्षेत्र में करीब 7.5 करोड़ रुपए की लागत से ऑडिटोरियम निर्माण का भी उल्लेख कार्यक्रम में किया गया।

इसके बावजूद पुराने शहर के नागरिकों का कहना है कि बड़ाबाजार, धर्मश्री और मोतीनगर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और खेल अधोसंरचना की स्थिति अभी भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इन इलाकों की सड़कें लंबे समय से बदहाल हैं, अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है और यातायात जाम रोजमर्रा की परेशानी बन चुका है।

बच्चों और युवाओं के लिए खेल मैदान और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की कमी भी नागरिकों की प्रमुख चिंता है। उनका कहना है कि शहर में बड़े विकास कार्यों के साथ इन क्षेत्रों में भी छोटे स्तर पर मिनी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स विकसित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों और युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने के लिए उचित स्थान मिल सके।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास का लाभ शहर के हर हिस्से तक समान रूप से पहुंचना चाहिए। उनका कहना है कि जब करोड़ों रुपए की लागत से आधुनिक अधोसंरचना तैयार की जा रही है तो बड़ाबाजार, धर्मश्री और मोतीनगर जैसे पुराने एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों को भी विकास की प्राथमिकता में शामिल किया जाना चाहिए।

नागरिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में सड़क, अतिक्रमण और यातायात जैसी समस्याओं के समाधान के साथ बच्चों के लिए मिनी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाया जाए। उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि शहर के कुछ हिस्से विकास की मुख्यधारा से पीछे छूट गए हैं। अब जरूरत है कि विकास योजनाओं में इन इलाकों की आबादी और जरूरतों को भी बराबर महत्व दिया जाए।

मंगलवार के कार्यक्रम में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और सागर में विकास कार्य लगातार जारी रहेंगे। ऐसे में अब पुराने शहर के नागरिकों को भी उम्मीद है कि अगली विकास योजनाओं में बड़ाबाजार, धर्मश्री, मोतीनगर सहित अन्य घनी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए सड़क, यातायात, अतिक्रमण और खेल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

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