बुंदेलखंड में बीमारियों पर होगा आधुनिक शोध, विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज में एमओयू

बुंदेलखंड में बीमारियों पर होगा आधुनिक शोध, विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज में एमओयू

सागर। बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रचलित बीमारियों के कारणों, बेहतर निदान और उपचार की संभावनाओं पर शोध को बढ़ावा देने के लिए डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर के बीच 30 अक्टूबर को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते के तहत दोनों संस्थान चिकित्सा अनुसंधान, प्रशिक्षण और परामर्श सेवाओं में मिलकर काम करेंगे। जैव प्रौद्योगिकी, आनुवंशिकी, जीनोमिक्स, फार्मेसी और आणविक जीव विज्ञान जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित की जाएंगी।

विश्वविद्यालय की आधुनिक शोध प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक उपकरणों को मेडिकल कॉलेज की चिकित्सकीय विशेषज्ञता एवं उपलब्ध सुविधाओं से जोड़कर बीमारियों के आणविक और आनुवंशिक आधार का अध्ययन किया जाएगा। शोध के जरिए संभावित जैविक संकेतकों की पहचान और बेहतर निदान पद्धतियों के विकास की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। सभी शोध संबंधित नैतिक एवं नियामक नियमों के तहत किए जाएंगे।

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. पी. एस. ठाकुर ने कहा कि इस सहयोग से नई दवाओं, उपचार पद्धतियों और बेहतर चिकित्सा विकल्पों पर शोध को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश दुबे ने इसे क्षेत्र में चिकित्सा अनुसंधान और वैज्ञानिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की आधुनिक शोध सुविधा एमडीआरयू को संयुक्त शोध एवं प्रशिक्षण के लिए उपयोगी बताया।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एस. पी. उपाध्याय ने कहा कि दोनों संस्थानों के बीच सहयोग से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

एमओयू के तहत विद्यार्थियों, मेडिकल इंटर्न, शोधार्थियों, चिकित्सकों और प्राध्यापकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और संयुक्त शोध परियोजनाएं आयोजित की जाएंगी। इससे क्षेत्र में चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ युवा शोधार्थियों की तकनीकी दक्षता विकसित करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय समन्वयक प्रो. यू. के. पाटिल, प्रो. श्वेता यादव, मेडिकल कॉलेज की एमडीआरयू समन्वयक प्रो. श्वेता भटनागर, डॉ. शशि मार्को, डॉ. सी. पी. उपाध्याय, डॉ. दीक्षी अंगिरा, डॉ. नीतू मिश्रा सहित दोनों संस्थानों के प्राध्यापक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here