पानी की समस्या पर कलेक्टर सख्त, 3 दिन में शिकायतें खत्म करने का अल्टीमेटम

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पानी की समस्या पर कलेक्टर सख्त, 3 दिन में शिकायतें खत्म करने का अल्टीमेटम

सागर। जिले में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर  प्रतिभा पाल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल निगम के कार्यों की कड़ी समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ग्रीष्म ऋतु में पेयजल जैसी बुनियादी आवश्यकता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पानी की समस्या से संबंधित सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों के निराकरण की सुस्त गति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने की चेतावनी दी है।कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए हैं कि जिले की पेयजल से जुड़ी सभी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को अगले 3 दिनों के भीतर संतुष्टिपूर्ण तरीके से बंद कराया जाए। उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को सीधे तौर पर निर्देशित किया है कि तीन दिन की समयावधि बीत जाने के बाद, जिस भी क्षेत्र में शिकायतें लंबित पाई जाएंगी, वहां सीधे ‘वन-टू-वन’ (व्यक्तिगत रूप से) जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बैठक में बंद पड़े पेयजल संसाधनों को तत्काल प्रभाव से चालू करने पर विशेष जोर दिया गया। जिले में जितने भी हैंडपंप वर्तमान में बंद स्थिति में हैं, उन्हें तत्काल मरम्मत कर चालू किया जाए। जो नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं, उन्हें सुचारू करने के लिए बिजली संबंधी समस्याओं  को तुरंत दूर किया जाए। प्रभावित और संवेदनशील स्पॉट्स पर पानी की आपूर्ति बहाल रखने के लिए तत्काल सिंगल फेज मोटर की व्यवस्था की जाए। पाइपलाइनों के आखिरी छोर पर कैपिंग (Cap) की जाए ताकि प्रगतिरत योजनाएं भी चालू अवस्था में रहें, शेष कार्य समानांतर रूप से चालू रहे और पानी व्यर्थ न बहे। कलेक्टर ने जल निगम के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि पाइपलाइन बिछाने या स्रोत में जहां भी गैप आ रहा है, उसका तुरंत मिलान कर समाधान निकालें।कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों से पूछा कि “चल रही योजनाएं बंद क्यों हैं?” और “पेयजल स्रोतों के फेल होने की नौबत क्यों आई?” उन्होंने नगर निगम को निर्देशित किया कि जहां भी पाइपलाइन बदलने की आवश्यकता है, वहां एमआईसी में तत्काल प्रस्ताव रखकर कार्य शुरू कराएं। साथ ही, पाइपलाइनों में होने वाले लीकेज को तुरंत रोककर दूषित पानी की समस्या का स्थाई समाधान किया जाए। हर हाल में क्षेत्र में शुद्ध और पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पेयजल योजनाओं के सुचारू संचालन और हैंडओवर की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कलेक्टर ने ग्रामीण विकास विभाग और पीएचई के इंजीनियर्स सागर और खुरई दोनों डिवीजनों की सभी पूर्ण एवं निर्माणाधीन योजनाओं का संयुक्त निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जो योजनाएं पूरी तरह से चालू हालत में हैं, उन्हें तत्काल ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कराया जाए। इस पूरी प्रक्रिया और जमीनी हकीकत को जांचने के लिए जनपद सीईओ और कार्यपालन यंत्री पी एच ई खुद स्पॉट विजिट कर स्रोतों और परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन करेंगे।मोटर दुरुस्त रखें और सीएमओ समय पर दें सूचना

कलेक्टर ने तकनीकी अमले को जल संयंत्रों और नलकूपों की मोटरों को हमेशा सही स्थिति में रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी सीएमओ को पाबंद किया है कि यदि कभी इंटेक वेल में पानी का स्तर कम होता है या पानी की कमी की स्थिति बनती है, तो इसकी सूचना समय रहते वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए, ताकि आवश्यक प्रबंध किया जा सके।उल्लेखनीय है कि वर्तमान परिदृश्य में पेयजल की आपूर्ति निर्बाध रूप से बनाए रखने के लिए कलेक्टर द्वारा दैनिक रूप से वीसी के माध्यम से पेयजल संबंधी अति आवश्यक समीक्षा की जा रही है, जिसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  विवेक के वी, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, पी एच ई, जल निगम के सभी अधिकारी,  इंजीनियर सहित जनपद सीईओ, सीएमओ  आदि मौजूद रहते हैं।

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