रजिस्ट्री के एवज में 4 हजार की रिश्वत लेते हाउसिंग बोर्ड का लेखापाल लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा
छतरपुर/सागर। मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल (हाउसिंग बोर्ड) छतरपुर में पदस्थ संभागीय लेखापाल को मकान की रजिस्ट्री कराने के एवज में रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस सागर ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी लेखापाल आवेदक से 6 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था, जिसमें से 4 हजार रुपये लेते समय उसे ट्रैप कार्रवाई में पकड़ा गया।
लोकायुक्त सागर से मिली जानकारी के अनुसार आवेदक रामनारायण शुक्ला निवासी एमआईजी-33, चौबे कॉलोनी छतरपुर एवं उनके छोटे भाई श्याम नारायण शुक्ला ने वर्ष 2024 में अमलतास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में लॉटरी के माध्यम से ईडब्ल्यूएस मकान क्रमांक 399 खरीदा था। मकान की पूरी कीमत जमा करने के बाद भी उसकी रजिस्ट्री कराने के लिए हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में पदस्थ संभागीय लेखापाल बाला प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा 6 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायतकर्ता ने 26 मई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय सागर पहुंचकर इसकी शिकायत की थी। शिकायत का सत्यापन कराए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने सोमवार को जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी बाला प्रसाद विश्वकर्मा (59) को कार्यालय कार्यपालन यंत्री, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल, छत्रसाल नगर छतरपुर स्थित कार्यालय में 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक मंजू किरण तिर्की एवं निरीक्षक कमल सिंह उइके ने लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम के साथ किया।
लोकायुक्त पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


