सागर में निर्माण कार्यों में देरी पर सख्त हुईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, ठेकेदारों को नोटिस और पेनल्टी के निर्देश

मंगल विहार आवासीय योजना से लेकर मेडिकल कॉलेज और सड़क परियोजनाओं की समीक्षा, राहतगढ़ सीएचसी का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने की समय-सीमा तय

सागर। जिले में चल रहे निर्माण कार्यों और विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान परियोजनाओं की वित्तीय स्थिति, निर्माण की वास्तविक प्रगति और तय समय-सीमा की जानकारी ली गई। जिन कार्यों में देरी सामने आई, उन्हें लेकर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को जरूरी निर्देश दिए।

बैठक में हाउसिंग बोर्ड की धर्मश्री स्थित मंगल विहार आवासीय योजना की समीक्षा की गई। यहां 167 मकानों का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें 49 MIG-A, 54 MIG-B, 31 LIG-A और 33 EWS-B श्रेणी के मकान शामिल हैं। फिलहाल कॉलम फुटिंग और सरिया बांधने का काम चल रहा है। कलेक्टर ने निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

खुरई रिडेंसिफिकेशन योजना के तहत पशु चिकित्सालय और शासकीय आवास संबंधित विभागों को सौंपे जा चुके हैं। वहीं, तहसील एवं एसडीएम कार्यालय भवन, रेस्ट हाउस और पीडब्ल्यूडी कार्यालय का निर्माण पूरा हो गया है। हिनौता में 300 गायों की क्षमता वाली गौशाला, बस पिकअप स्टेशन, क्रिकेट ग्राउंड और गुलार रोड स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम भी पूरा होने की जानकारी दी गई।

राहतगढ़ सीएचसी और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के काम पर निर्देश

राहतगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निर्माण फिलहाल अंतिम चरण में है। कलेक्टर ने इसे दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने को कहा। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में बन रहे क्रिटिकल केयर ब्लॉक का 42 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष रूफ स्लैब के 30 प्रतिशत लंबित कार्य को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से समन्वय बनाकर जून 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।

ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के निर्माण में हुई देरी पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए विलंब के कारणों का आकलन करने को कहा। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और नियमों के अनुसार पेनल्टी लगाने के निर्देश भी दिए।

इसके अलावा शासकीय स्वशासी कन्या उत्कृष्टता महाविद्यालय, सागर की बाउंड्री वॉल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय और शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया बुजुर्ग से जुड़े निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

सांदीपनि विद्यालय और आयुर्वेद महाविद्यालय के निर्माण में तेजी लाने को कहा

सांदीपनि विद्यालय, गढ़ाकोटा के निर्माण में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से हो रही देरी पर कलेक्टर ने चिंता जताई। उन्होंने संबंधित स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। वहीं, शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, केसली की स्वीकृत परियोजना को गति देने के लिए कहा गया।

आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल, सागर में हॉस्टल ब्लॉक, प्रशासनिक भवन और अस्पताल ब्लॉक का निर्माण भी समीक्षा के दायरे में रहा। कलेक्टर ने इन सभी कार्यों में तेजी लाकर तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में सेंट्रल जेल सागर रिडेंसिफिकेशन परियोजना के तहत चितौरा में बनने वाली अत्याधुनिक जेल पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की संशोधित डीपीआर प्रस्तुत की जा चुकी है और आगे की प्रक्रिया जारी है।

सड़क और ओवरब्रिज परियोजनाओं की भी समीक्षा

कलेक्टर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे सड़क, ओवरब्रिज और वेस्टर्न बायपास के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि सागर-छतरपुर-कबरई मार्ग तथा बेरखेड़ी-सुनई और बेरखेड़ी-गढ़ाकोटा (सागर लिंक रोड) का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है।

उन्होंने चल रही परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण और अन्य विवादों का जल्द समाधान करने को कहा, ताकि निर्माण कार्य बाधित न हों। सागर-लखनादौन मार्ग के सुधार और व्हीकुलर अंडरपास के निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही मसूराई तोड़ा-जैसीनगर मार्ग, बीना-बम्होरी मार्ग, धर्मश्री-भोपाल बायपास, मकरोनिया-सिविल लाइन मार्ग पर व्हाइट टॉपिंग और पीजी रोड्स के नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी परियोजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।

हर सप्ताह जियो-टैग फोटो के साथ देनी होगी रिपोर्ट

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। सभी निर्माण एजेंसियों को प्रत्येक परियोजना की जियो-टैग की गई तस्वीरों के साथ साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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