संभागायुक्त सुचारी ने अनुशासनहीनता के आरोपों पर स्कूल के प्राचार्य को किया निलंबित

संभागायुक्त सुचारी ने अनुशासनहीनता के आरोपों पर स्कूल के प्राचार्य को किया निलंबित

सागर। संभागायुक्त सागर संभाग अनिल सुचारी ने छतरपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ईशानगर के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को अनुशासनहीनता के आरोपों पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। उक्त कार्रवाई कलेक्टर जिला छतरपुर द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव एवं जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के उपरांत की गई है।

कलेक्टर जिला छतरपुर के माध्यम से प्राचार्य प्रजापति के विरुद्ध प्राप्त शिकायत एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, सागर संभाग, सागर के 15 जुलाई 2026 को छतरपुर प्रवास के दौरान प्राचार्य के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की जांच जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर द्वारा गठित जांच समिति से कराई गई।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार विद्यालय में पुरुष टॉयलेट उपलब्ध होने के बावजूद प्राचार्य द्वारा बालिका टॉयलेट का उपयोग किया जाना पाया गया। साथ ही संस्था में पदस्थ महिला कर्मचारियों को परेशान कर मानसिक प्रताड़ना पहुंचाने, अन्य कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, कर्मचारियों का अकारण वेतन रोकने तथा शासकीय योजनाओं की मुखालफत करने संबंधी तथ्य जांच में सामने आए।

कलेक्टर छतरपुर से प्राप्त प्रस्ताव के अवलोकन एवं परिशीलन के उपरांत श्री बसंत लाल प्रजापति प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए गए। उनके कृत्य को पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता का द्योतक मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम का उल्लंघन माना गया।

इस आधार पर संभागायुक्त श्री सुचारी ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए श्री बसंत लाल प्रजापति, प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ईशानगर, जिला छतरपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में श्री प्रजापति का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला छतरपुर नियत किया गया है।

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