अश्लील फोटो से ब्लैकमेल कर महिला से बार-बार दुष्कर्म, आरोपी को 10 साल की सजा

सागर। जिला न्यायालय सागर में सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम कुमार डार्वी की अदालत ने बलात्कार के मामले में आरोपी अनिल रजक को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा के बाद आरोपी को केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया।

अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने बताया कि राहतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भानगढ़ निवासी पीड़िता की किराना दुकान थी। आरोपी अनिल रजक उसके मोहल्ले में ही रहता था और दुकान पर राजश्री गुटका व अन्य सामान खरीदने के बहाने आता था। इसी दौरान उसने पीड़िता का मोबाइल नंबर हासिल कर फोन करना शुरू कर दिया। पीड़िता द्वारा बातचीत से मना करने के बावजूद आरोपी लगातार फोन करता रहा।

आरोप है कि एक दिन आरोपी राजश्री खरीदने के बहाने दुकान में आया और पीड़िता के साथ जबरदस्ती की। बाद में आरोपी ने पीड़िता से अश्लील फोटो मांगे। पीड़िता द्वारा फोटो भेजे जाने के बाद आरोपी उन फोटो को वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा और बार-बार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता रहा।

पीड़िता के पति को मामले की जानकारी होने के बाद वह अपने पति और बच्चों के साथ 13 जनवरी 2023 को भोपाल चली गई। इसके बाद भी आरोपी फोन कर उसे धमकाता रहा और फोटो वायरल कर बदनाम करने की धमकी देता रहा। मामले में पीड़िता ने पति के साथ अयोध्यानगर थाना भोपाल में शिकायत दी थी। वहां धारा 376, 376(2)(n), 509 और 506 भारतीय दंड संहिता के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला राहतगढ़ थाना पुलिस को भेजा गया, जहां आगे की विवेचना की गई।

प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 14 गवाहों के बयान कराए गए तथा मेडिकल रिपोर्ट सहित 19 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उसके परिजनों, चिकित्सक और पुलिस अधिकारियों के बयान कराते हुए आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रमाणित किए।

सभी साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने अनिल रजक को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एवं 376(2)(n) के तहत दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक दीपक पौराणिक ने की।

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