बीएमसी की निजी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, परिजनों से बिछड़ी ढाई साल की मासूम को पुलिस ने खोजा

बीएमसी की निजी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, परिजनों से बिछड़ी ढाई साल की मासूम को पुलिस ने खोजा

सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) अस्पताल में मंगलवार को परिजनों के साथ आया करीब ढाई वर्षीय लक्ष्मण भीड़भाड़ के बीच उनसे बिछड़ गया। बच्चे के गुम होने की सूचना मिलते ही परिजनों ने बीएमसी पुलिस चौकी को जानकारी दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तलाश शुरू की। प्रधान आरक्षक सोनू के प्रयासों से बच्चे को सकुशल खोजकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

हालांकि इस घटना ने बीएमसी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील और हमेशा भीड़भाड़ वाले परिसर में एक ढाई साल का बच्चा परिजनों से बिछड़ गया और काफी देर तक उसकी तलाश होती रही। ऐसे में अस्पताल परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड, संबंधित स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सवाल यह भी है कि यदि पुलिस चौकी को सूचना नहीं दी जाती तो बच्चे की तलाश में अस्पताल प्रबंधन की ओर से कितनी तत्परता दिखाई जाती।

बीएमसी परिसर में बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अस्पताल प्रबंधन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। केवल सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी प्रभावी निगरानी और तत्काल रिस्पांस व्यवस्था भी जरूरी है।

पुलिस की तत्परता से बच्चा सुरक्षित मिल गया और परिजनों ने राहत की सांस ली। लेकिन इस घटना के बाद बीएमसी प्रबंधन को अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में कोई बच्चा परिसर में परिजनों से बिछड़ने के बाद लंबे समय तक असुरक्षित स्थिति में न रहे।

सागर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अस्पतालों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर छोटे बच्चों को लेकर विशेष सतर्कता बरतें तथा किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here