दादा दरबार मंदिर में 25 साल पुरानी परंपरा बाधित होने पर हिंदू संगठन नाराज, IG के नाम सौंपा ज्ञापन

जय महाकाल हिंदू संगठन ने जेएनपीए प्रशासन पर लगाए बिना समन्वय किए निर्देश जारी करने के आरोप, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

सागर। दादा दरबार मंदिर में नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने की करीब 25 साल पुरानी परंपरा इस बार प्रभावित होने को लेकर जय महाकाल हिंदू संगठन ने आपत्ति जताई है। गुरुवार दोपहर 2 बजे संगठन के सदस्य एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।

संगठन ने अपने ज्ञापन में जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी (जेएनपीए) प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। आरोप है कि आयोजन समिति के साथ उचित तालमेल बनाए बिना अंतिम समय में निर्देश जारी किए गए। इसके चलते मां दुर्गा की प्रतिमा को पारंपरिक स्थान के बजाय दूसरी जगह स्थापित करना पड़ा।

ज्ञापन में मंदिर परिसर में टीकाराम नामक व्यक्ति के रहने और उसके पुलिस सत्यापन की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा, संगठन ने पिछले वर्ष बोरवेल हटाकर हैंडपंप लगाने के कथित प्रयास और मंदिर की व्यवस्थाओं में कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है।

जय महाकाल हिंदू संगठन ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। संगठन का कहना है कि वर्तमान में जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित की गई है, वहां पूजा-पाठ, श्रद्धालुओं के दर्शन और प्रतिमा विसर्जन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, नवरात्रि 2027 में मां दुर्गा की प्रतिमा को उसके पारंपरिक स्थल पर स्थापित करने के संबंध में प्रशासन लिखित आश्वासन दे।

संगठन ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रशासन की ओर से मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करने की भी मांग की है।

ज्ञापन सौंपने के बाद संगठन ने तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देने की मांग रखी है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो वह इस मुद्दे को वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य शासन के समक्ष उठाएगा। साथ ही, मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखने की बात भी कही है।

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