सागर: दूध में मिलावट पर शिकंजा, चलित लैब से मौके पर हो रही जांच

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मौके पर ही जांची जा रही दूध की शुद्धता, ‘Food Safety on Wheels’ और Rapid Kit से होगी मिलावट की पहचान

सागर, 2 सितंबर। जिले में नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित दूध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। मध्यप्रदेश शासन एवं खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश और कलेक्टर प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में चलित प्रयोगशाला ‘Food Safety on Wheels’ तथा रैपिड टेस्टिंग किट के जरिए दूध की मौके पर ही प्राथमिक जांच की जा रही है।

अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शहर के गोपाल डेयरी बड़ा बाजार, शर्मा डेयरी गोपालगंज और मयूर डेयरी गुजराती बाजार पहुंचकर दूध के नमूनों की स्पॉट टेस्टिंग की। प्राथमिक जांच में तीनों प्रतिष्ठानों के दूध गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए और मिलावट के संकेत नहीं मिले।

विभाग के अनुसार दूध में पानी, स्टार्च, आटा, डिटर्जेंट, यूरिया, सुक्रोज, न्यूट्रलाइजर और कुछ हानिकारक रसायनों की मिलावट की जा सकती है। रैपिड टेस्टिंग किट के माध्यम से ऐसे कई मिलावटी तत्वों की मौके पर त्वरित पहचान की जा रही है।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रैपिड किट से होने वाली जांच प्राथमिक जांच है। किसी प्रतिष्ठान में परिणाम संदिग्ध पाए जाने पर विधिवत नमूने लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला में विस्तृत परीक्षण कराया जाएगा। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल मिलावट की जांच करना ही नहीं, बल्कि दूध विक्रेताओं में गुणवत्ता के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना और उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की शुद्धता के प्रति जागरूक कर उनका विश्वास मजबूत करना भी है।

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