सागर में विद्यार्थियों को मिला सद्भावना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, डॉ. सरोज गुप्ता बोलीं सेवा भावना से बनेगा जिम्मेदार नागरिक

सागर में विद्यार्थियों को मिला सद्भावना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, डॉ. सरोज गुप्ता बोलीं सेवा भावना से बनेगा जिम्मेदार नागरिक

सागर। शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर में राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सद्भावना दिवस एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के अंतर्गत अक्षय ऊर्जा दिवस का आयोजन प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सद्भावना, सेवा भावना, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण का महत्वपूर्ण काल है। विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत से जुड़कर अपने जीवन-मूल्यों को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना, यूथ रेडक्रास, एनसीसी तथा भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। सेवा, सद्भावना, अनुशासन, सहिष्णुता और सहयोग जैसे मूल्यों को व्यवहार में उतारकर ही एक जिम्मेदार नागरिक का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के समाज और राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे, इसलिए उनमें संवेदनशीलता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव विकसित होना आवश्यक है।रसायनशास्त्र की सहायक प्राध्यापक डॉ. शुचिता अग्रवाल ने अक्षय ऊर्जा पर व्याख्यान देते हुए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा एवं जलविद्युत ऊर्जा के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने अक्षय ऊर्जा के महत्व, इसके पर्यावरणीय लाभ तथा भविष्य में ऊर्जा की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अमर कुमार जैन ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों से विद्यार्थियों को परिचित कराया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित जीवन-दृष्टि, नैतिक मूल्यों एवं समग्र विकास की अवधारणा को रेखांकित किया।राजनीतिशास्त्र की विभागाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की पूर्व जिला संगठक डॉ. संगीता मुखर्जी ने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं सेवा भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।कार्यक्रम का मंच संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्र इकाई के कार्यक्रम अधिकारी एवं महाविद्यालयीन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने किया। राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रा इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रज्ञा दुबे ने आभार ज्ञापित किया।कार्यक्रम में हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. राना कुंजर सिंह, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता डॉ. नीता यादव, स्टार्टअप काउंसलर शुभम दुबे सहित बड़ी संख्या में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं यूथ रेडक्रास के स्वयंसेवक तथा एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।

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