तीन साल पुरानी प्रेम कहानी का कोर्ट में बड़ा क्लाइमेक्स! दो मुकदमे और दोनों में आरोपी दोषमुक्त

तीन साल पुरानी प्रेम कहानी का कोर्ट में बड़ा क्लाइमेक्स! दो मुकदमे और दोनों में आरोपी दोषमुक्त

महिला थाना और मोतीनगर में दर्ज अलग-अलग मामलों का विशेष पॉक्सो न्यायालय में पटाक्षेप, साक्ष्यों के आधार पर मिला संदेह का लाभ; अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने की पैरवी

सागर। तिली गांव के एक जिम से जुड़ी करीब तीन साल पुरानी चर्चित प्रेम कहानी का कानूनी अध्याय अब अहम मोड़ पर पहुंच गया है। प्रेम संबंधों से शुरू हुई बताई जा रही इस कहानी में प्रताड़ना, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों ने उस समय मामला सुर्खियों में ला दिया था। प्रकरण में महिला थाना और मोतीनगर थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुईं और एक ही आरोपी को दो अलग-अलग मुकदमों में कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा। अब विशेष पॉक्सो न्यायालय ने दोनों प्रकरणों में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है।

दो थाने, दो एफआईआर और एक आरोपी—अदालत में हुआ फैसला

इस मामले की खास बात यह रही कि दोनों एफआईआर अलग-अलग घटनाओं से संबंधित थीं। एक मामला महिला थाने में दर्ज हुआ, जबकि दूसरा मोतीनगर थाने में। दोनों प्रकरणों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार करते हुए आरोपी को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त करने का निर्णय सुनाया।

गंभीर आरोपों से अदालत के फैसले तक पहुंची कहानी

करीब तीन साल तक चर्चा में रहे इस मामले में आरोपों की गंभीरता के चलते कानूनी प्रक्रिया पर लोगों की नजरें थीं। हालांकि, न्यायालय का दोषमुक्ति संबंधी फैसला यह स्पष्ट करता है कि आपराधिक मुकदमे में आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों और लागू कानूनी मानकों के आधार पर निर्णय लिया जाता है।

दोनों मामलों में आरोपी की ओर से अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने पैरवी की। अदालत के फैसले के साथ ही इन दोनों प्रकरणों में आरोपी के विरुद्ध चले मुकदमों का महत्वपूर्ण न्यायिक पड़ाव पूरा हो गया, अभियोजन ने अपना पक्ष मजबूती से नही रख पाया क्योंकि पुलिस विवेचना ही कटघरे ने नजर आ रही थी।

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