बिजली कनेक्शन काटे जाने से ग्रामीण आक्रोशित तोड़फोड़ हुई, 10 पर मुकदमा दर्ज

बिजली बिल कटने पर जूना सब-स्टेशन में तोड़फोड़ और मारपीट, 10 पर मामला दर्ज; ग्रामीणों ने लगाया मनमाने बिल का आरोप

सागर/रहली। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा चलाए जा रहे राजस्व वसूली अभियान के दौरान रहली तहसील के ग्राम जूना में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बकाया बिजली बिलों के चलते गांव का कनेक्शन काटे जाने से नाराज ग्रामीणों और बिजली कंपनी के कर्मचारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उपद्रवियों ने जूना स्थिति बिजली सब-स्टेशन पहुंचकर जमकर हंगामा, तोड़फोड़ और मारपीट की। घटना के बाद पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार, ग्राम जूना में लंबे समय से बड़े पैमाने पर बिजली बिल बकाया चल रहे थे। विभाग की टीम जब राजस्व वसूली के लिए पहुंची, तो पाया गया कि गांव के एक मोहल्ले में करीब 95 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किया था। जूनियर इंजीनियर शैलेंद्र चौबे के निर्देश पर लाइन अमले ने गांव के ढाबे के पास स्थित ट्रांसफॉर्मर के एलटी सर्किट से बकायादारों के कनेक्शन काट दिए। इसी कार्रवाई से आक्रोशित होकर शाम के वक्त गांव के कुछ लोग एकजुट होकर सीधे जूना स्थित बिजली सब-स्टेशन पहुंचे।

आउटसोर्स ऑपरेटर विनय सेन की शिकायत के मुताबिक, उपद्रवियों ने सब-स्टेशन के भीतर घुसकर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और विरोध करने पर पथराव शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने कंट्रोल रूम के चैंबर में छिपकर अपनी जान बचाई। आरोप है कि उपद्रवियों ने ट्रांसफॉर्मर को नुकसान पहुंचाने और उसमें आग लगाने का भी प्रयास किया, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जूना निवासी कल्लू, वल्लू, हरेराम, हल्ले, रम्मा, राजू, राजकुमार, दौलत, मोती और कल्लू पुत्र गणेश के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ग्रामीणों का पक्ष: दूसरी ओर, घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग द्वारा लंबे समय से मनमाने और अत्यधिक राशि के बिल भेजे जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना दिए पूरे मोहल्ले की बिजली काट दी गई, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक, वे नियमित रूप से अपनी समस्याएं विभाग के सामने रखते रहे हैं, लेकिन सुधार करने के बजाय एकतरफा कार्रवाई की गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैला। फिलहाल पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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