सागर/बंडा। बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के विरोध में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान पुतले को लेकर पुलिस और शिवसैनिकों के बीच तीखी झड़प भी हुई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जब शिवसैनिक पुतला जलाने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस ने उनसे पुतला छीन लिया। इसके बाद शिवसैनिक दूसरा पुतला लेकर पहुंचे और उसका दहन कर दिया।
लगातार हो रही बारिश के बावजूद शिवसैनिक प्रदर्शन से पीछे नहीं हटे। बरसते पानी के बीच पुलिस की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने आबकारी मंत्री का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
शिवसेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने आरोप लगाया कि जिले में लंबे समय से जहरीली शराब का कारोबार चल रहा है। उनका कहना है कि यदि प्रदेश सरकार ने समय रहते अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की होती तो इतनी बड़ी संख्या में मौतें नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि मौतों का आंकड़ा 50 के पार पहुंचने के बावजूद आबकारी मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया गया है। पप्पू तिवारी ने इसके लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
शिवसेना जिला प्रभारी विकास सिंह ने कहा कि बंडा में 50 से अधिक लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जहरीली शराब से हुई मौतों की संख्या कम बता रहा है। विकास सिंह ने मृतकों के परिजनों को मिलने वाले मुआवजे को लेकर भी सवाल उठाए।
वहीं, शिवसेना जिला प्रमुख दीपक सिंह लोधी ने रानीपुरा में पकड़ी गई लाखों रुपये की ब्रांडेड शराब का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जब्त की गई शराब किसकी थी। उनके मुताबिक इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दीपक सिंह लोधी ने यह भी कहा कि शिवसेना पिछले दो वर्षों से लगातार जहरीली शराब को लेकर शिकायतें करती रही है, लेकिन प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, इसी का परिणाम बंडा में सामने आई इतनी बड़ी घटना के रूप में देखने को मिल रहा है।
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश संगठक मनी सिंह गुरने ने भी प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए और जहरीली शराबकांड को लेकर सरकार पर निशाना साधा।


