MP: अधिभोग उल्लंघन मामलों पर सरकार का बड़ा फैसला, उच्चस्तरीय समिति करेगी अध्ययन

भोपाल में अधिभोग उल्लंघन मामलों पर बनेगी उच्चस्तरीय समिति, फिलहाल नगर निगम नहीं करेगा सख्त कार्रवाई

भोपाल, 2 अगस्त। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल शहर के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्मित क्षेत्रों में अधिभोग (ऑक्यूपेंसी) उल्लंघन से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया। बैठक में तय किया गया कि पर्यावरण संरक्षण, व्यापक जनहित और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के पालन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। समिति की अनुशंसाओं के आधार पर राज्य शासन प्रक्रिया तय करेगा, जिसके बाद ही नगर निगम भोपाल आगे की कार्रवाई करेगा।

बैठक में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी सहित नगरीय प्रशासन, नगर एवं ग्राम निवेश, प्रदूषण नियंत्रण मंडल तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील क्रमांक 14604/2024 तथा विविध अपील डायरी क्रमांक 1713/2026 में दिए गए आदेशों के पालन के लिए राज्य सरकार सभी पहलुओं का अध्ययन कर नीतिगत निर्णय लेगी। इसके लिए गठित समिति पर्यावरण, रोजगार, उद्योग, नगरीय विकास और अन्य संबंधित विषयों का परीक्षण कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

समिति की अध्यक्षता नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर प्रमुख सचिव, श्रम विभाग के सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त, महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव, पर्यावरण विभाग के उप सचिव तथा नगर एवं ग्राम निवेश आयुक्त सदस्य होंगे। भोपाल कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि समिति की रिपोर्ट आने और राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया तय होने तक नगर निगम भोपाल अधिभोग उल्लंघन के मामलों में कोई कठोर या सख्त कार्रवाई नहीं करेगा। इसके बाद ही सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here